पटियाला:हिलाँस सांस्कृतिक कला मंच (रजि.), पटियाला (पंजाब) द्वारा उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ (रजत जयंती) के उपलक्ष्य में दिनांक 02 नवंबर 2025, दिन रविवार को माँ नन्दा देवी जागर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पटियाला के पी.एल.डब्ल्यू. स्थित कम्युनिटी हॉल के पीछे दशहरा ग्राउंड में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोकगायक श्री दर्शन फर्सवाण एवं लोकगायिका श्रीमती अंजलि खरे ने अपनी टीम सहित माँ नन्दा देवी जागर की मनमोहक प्रस्तुति देकर भक्तों को भक्ति रस में झूमने पर विवश कर दिया। श्री दर्शन फर्सवाण ने अपने सांस्कृतिक गीतों से भी पटियाला की धरती पर पहली बार ऐसा धमाल मचाया कि पूरा वातावरण उत्तराखंडी रंग में रंग गया। उपरोक्त वीडियो लिंक पर क्लिक कर आप पूरे कार्यक्रम का आनंद ले सकते हैं।
पटियाला। हिलांस सांस्कृतिक कला मंच के प्रधान हरि सिंह भंडारी की अध्यक्षता में सार्वजनिक मीटिंग संपन्न हुई। मंच के आगामी कार्यक्रम के लिए मंच के महासचिव जगदीश प्रसाद भारद्वाज के प्रस्ताव के मुताबिक सभी सदस्यों ने 2 नवंबर 2025 के कार्यक्रम के लिए सहमति दी है एवं सभी सदस्यों ने प्रस्ताव पास किए हैं। मंच के संस्थापक धीरज सिंह रावत ने कहा कि मंच हर साल अप्रैल में कार्यक्रम करता आ रहा है, इस साल अप्रैल का कार्यक्रम नहीं हो सका। इस करके हमने नवंबर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम करना है। मंच के संरक्षक दिनेश सिंह चौहान और संयोजक बीर सिंह सेनवाल ने अपने सुझाव दिए और 02 नवंबर 2025 के कार्यक्रम का समर्थन किया। इसके अलावा मंच के संगठन मंत्री गरीब सिंह रावत, कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह कठैत, निर्देशिका विनीता चौहान एवं मीडिया प्रभारी प्रमोद रावत ने कहा कि कार्यक्रम में उत्तराखंड के लोक गायक दर्शन फर्सवान को प्रस्तुति के लिए बुलाया जाए। सभी की सहमति पर अपने-अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रधान हरि सिंह भंडारी ने 02 नवंबर 2025 दिन रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम “जागर” का आयोजन करने पर सहमति दी।
हिमालय की तलहटी में बसा जौनसार-बावर, उत्तराखंड का एक जनजातीय क्षेत्र, अपनी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है। यहाँ की भूमि ने ऐसे वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से इतिहास के पन्नों को स्वर्णिम बनाया। इनमें से एक नाम है नंतराम नेगी, जिनकी शौर्यगाथा आज भी लोकगीतों में गूंजती है। मुगल सेना के खिलाफ उनकी वीरता ने उन्हें “गुलदार” की उपाधि दिलाई और भारत के युद्ध इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी।
जौनसार-बावर, देहरादून के पश्चिमी छोर पर स्थित, भले ही भौगोलिक रूप से दुर्गम हो, लेकिन यहाँ की संस्कृति और परंपराएँ इसे अनूठा बनाती हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र सादगी और साहस का संगम है। इसी वीरभूमि में 1725 के आसपास नंतराम नेगी का जन्म हुआ। उस समय यह इलाका सिरमौर रियासत का हिस्सा था, जिसकी राजधानी नाहन (अब हिमाचल प्रदेश) में थी। नंतराम के पिता लाल सिंह और माता झंझारी देवी थे। बचपन से ही नंतराम में तलवारबाजी और जोखिम भरे खेलों का जुनून था। उनकी फुर्ती और नन्ही उम्र में दिखाया गया साहस उन्हें सिरमौर के राजा शमशेर प्रकाश की सेना में ले आया।
हिमालय की गोद में बसा उत्तराखंड न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि यहाँ की मिट्टी ने उन अनगिनत नायकों को जन्म दिया है, जिन्होंने देश के इतिहास को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा। यहाँ की दुर्गम पहाड़ियाँ, घने जंगल और कठिन जीवनशैली के बीच पनपी वीरता और देशभक्ति की कहानियाँ आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इन्हीं कहानियों में एक नाम चमकता है—अनुसूया प्रसाद बहुगुणा, जिन्हें गढ़वाल की जनता ने ‘गढ़केसरी’ की उपाधि से नवाजा। यह नाम न केवल उनकी शेरदिली का प्रतीक है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान का भी गवाह है। Read More
गर्मियों में घर की सफाई को लेकर हमें हमेशा अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता होती है, खासकर तब जब छोटे बच्चे घर में हों। मक्खियों और बैक्टीरिया से बचने के लिए सिर्फ झाड़ू लगाना ही काफी नहीं होता, बल्कि नियमित रूप से पोछा लगाना भी जरूरी है। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर की फर्श हमेशा साफ और चमकदार रहे, तो आपको कुछ खास चीजें पोछे के पानी में मिलानी चाहिए। ये चीजें न सिर्फ आपकी फर्श को चमकदार बनाएंगी, बल्कि मक्खियों और बैक्टीरिया को भी दूर रखेंगी।
हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच, बहुत समय पहले, पांच देवता एक यात्रा पर निकले। विश्राम के दौरान उन्होंने मनोरंजन के लिए मिट्टी के चार गोले बनाए और उन्हें चार दिशाओं में फेंक दिया। इन गोलों से चार विशाल और बलशाली योद्धा प्रकट हुए। इन योद्धाओं ने देवताओं से अपनी उत्पत्ति का कारण पूछा। देवताओं ने हंसते हुए कहा, “हम तो बस खेल रहे थे, उसी में तुम बन गए।” योद्धाओं ने कार्य मांगा, तो देवताओं ने कहा, “जाओ, दुनिया घूमो, अपनी शक्ति का परिचय दो।”
उत्तराखंड भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस पावन भूमि ने अनेक विभूतियों को जन्म दिया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में देश और दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इन्हीं महान व्यक्तित्वों में से एक हैं बैरिस्टर मुकुंदीलाल।
बैरिस्टर मुकुंदीलाल को एक प्रसिद्ध वकील, कुशल प्रशासक, कला मर्मज्ञ, लेखक, पत्रकार, शिकारी, फोटोग्राफर, पक्षी और पुष्प प्रेमी के रूप में जाना जाता है। वे अपनी सृजनात्मक और गुणात्मक विशिष्टताओं के लिए प्रसिद्ध थे।
अगर आप तेजी से बढ़ते वजन से परेशान हैं और एक हेल्दी डाइट की तलाश में हैं, तो जौ का दलिया (Barley Porridge) आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। यह सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है, जो वजन कम करने के साथ-साथ शरीर को कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। गेहूं के दलिया की तुलना में जौ का दलिया अधिक फाइबरयुक्त होता है, जिससे यह वजन घटाने में और भी ज्यादा कारगर साबित होता है।
दालचीनी (Cinnamon) सिर्फ एक साधारण मसाला नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण इसे एक प्रभावी प्राकृतिक औषधि बनाते हैं। खासतौर पर यूरिक एसिड से परेशान लोगों के लिए, यह किसी वरदान से कम नहीं। दालचीनी में मौजूद सिनामाल्डिहाइड (Cinnamaldehyde) यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि यह कैसे काम करता है और इसका सही इस्तेमाल क्या है।
पटियाला। पौड़ी गढ़वाल सभा पटियाला की ओर से उत्तराखंडी रीति-रिवाजों के अनुसार सात्विक होली पर्व मनाया गया। सभा के होलिहार ने इस साल विर्क कालोनी, शांति नगर में अपने उत्तराखंडी भाई बंधुओं को उनके घर पर जाकर होली की बधाई दी, एवं उनके समस्त परिवार की खुशहाली और तंदुरुस्ती के लिए प्रभु से प्रार्थना की। साथ ही निर्णय लिया कि हर साल इसी प्रकार से अलग-अलग कालोनियों में जाकर होली पर्व को अपनों के साथ, आपके द्वार मनाया जाएगा। प्रधान श्री बीरेंद्र सिंह पटवाल जहां सभी को होली की शुभकामनाएं दी। वहीं सभी से अपनी संस्कृति के साथ जुड़ने की अपील भी की। सभा के सांस्कृतिक सचिव श्री रणवीर सिंह रावत ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति के साथ जुड़े रहने की पुरजोर कोशिश करनी चाहिए और अपने तीज त्यौहारों को मनाकर एकजुट होकर रहना चाहिए। इस मौके पर सभा के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।